सर्वकालीन महान बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर आज सचिन नहीं होते यदि उनके गुरू रमाकांत आचरेकर ने उन्हें एक दिन थप्पड़ ना मारा होता.
यह बात स्वयं सचिन ने स्वीकार की. नागपुर में एक समारोह के दौरान रमाकांत आचरेकर फाउंडेशन को पाँच लाख रुपए दिए गए. इस मौके पर मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि मैंने आचरेकर से बहुत कुछ सीखा और उनकी मदद से ही मैं अपना सफर तय कर सका.
उन्होने एक घटना याद करते हुए कहा कि जब वे 12 साल के थे तो एक बार दादर के शिवाजी पार्क में एक मैच के दौरान अपना मैच छोड़कर सीनियर खिलाडियों का मैच देखने चले गए थे. यह बात जब आचरेकर को शाम को मालूम हुई तब उन्होंने मुझे बुलाया और एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया. इससे मैने बहुत कुछ सीखा और क्रिकेट के प्रति समर्पित हुआ.

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